Best Of Nida Fazli Shayari 2020

Nida Fazli Shayari ki duniya mein jana pahchana naam hai, aur kaafi izzat sey unka naam ham sab letey hain. Chahey wo Nida Fazli Two Line Shayari ho ya, Nida Fazli Ki Ghazal, log Nida Fazli Sahab key her andaazey-bayan per mukarrar kahtey hain. Kyunki Nida Fazli ney bahot gahri baateyn bhi behad aasani sey bayan ki hai. 

Pesh hai, Best of Nida Fazli Shayari on Life

रात के बाद नए दिन की सहर आएगी
दिन नहीं बदलेगा तारीख बदल जाएगी
हंसते-हंसते थक जाओ तो छुप कर रो 
यह हंसी भींग के कुछ और चमक जाएगी

Nida Fazli Shayari About Life

Raat ke baad naye din ki seher aayegi,
Din nahi badlega, tareekh badal jayegi.
Haste haste thak jao, toh chhup kar rolo,
Yeh hansi bheeg ke, kuch aur chamak jayegi.

Top Nida Fazli Shayari In Hindi

Nida Fazli Shayari
Nida Fazli Shayari

कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता
कहीं जमीन कहीं आसमां नहीं मिलता
जिसे भी देखिए वो अपने आप में गुम है
जुबां मिलती है मगर हम-जुबां नहीं मिलता

Deep Shayari On Life

Kabhi kisi ko mukammal jahan nahi milta,
Kahin zameen, kahin aasmaan nahi milta.
Jise bhi dekhiye woh арnе аар mein gum hai,
Zuban milti hai, magar hum-zuban nahi milta.

Shayari By Nida Fazli In Hindi

दिन सलीके से उगा
रात ठिकाने से रही
दोस्ती अपनी भी कुछ
रोज़ ज़माने से रही 

चंद लम्हों को ही बनती हैं
मुसव्विर आँखें
ज़िन्दगी रोज़ तो
तसवीर बनाने से रही

Nida Fazli Shayari On Life

कहीं छत थी, दीवारो-दर थे कहीं
मिला मुझको घर का पता देर से
दिया तो बहुत ज़िन्दगी ने मुझे
मगर जो दिया वो दिया देर से

हुआ न कोई काम मामूल से
गुजारे शबों-रोज़ कुछ इस तरह
कभी चाँद चमका ग़लत वक़्त पर
कभी घर में सूरज उगा देर से

कभी रुक गये राह में बेसबब
कभी वक़्त से पहले घिर आयी शब
हुए बन्द दरवाज़े खुल-खुल के सब
जहाँ भी गया मैं गया देर से

ये सब इत्तिफ़ाक़ात का खेल है
यही है जुदाई, यही मेल है
मैं मुड़-मुड़ के देखा किया दूर तक
बनी वो ख़मोशी, सदा देर से

सजा दिन भी रौशन हुई रात भी
भरे जाम लगराई बरसात भी
रहे साथ कुछ ऐसे हालात भी
जो होना था जल्दी हुआ देर से

भटकती रही यूँ ही हर बन्दगी
मिली न कहीं से कोई रौशनी
छुपा था कहीं भीड़ में आदमी
हुआ मुझमें रौशन ख़ुदा देर से

निदा फ़ाज़ली की शायरी

दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती
खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती
देखा है जिसे मैंने कोई और था शायद
वह कौन था जिससे तेरी सूरत नहीं मिलती

Nida Fazli Shayari On Love

Dil mein na ho jurrat toh mohobbat nahi milti,
Khairat mein itni badi daulat nahi milti.
Dekha hain jise maine, koi aur tha shayad,
Woh kaun tha jis se teri soorat nahi milti.

Gazal By Nida Fazli

कहीं-कहीं से हर चेहरा तुम जैसा लगता है
तुम को भूल न पायेंगे हम, ऐसा लगता है

ऐसा भी इक रंग है जो करता है बातें भी
जो भी इसको पहन ले वो अपना-सा लगता है

Famous Shayari In Hindi By Nida Fazli

तुम क्या बिछड़े भूल गये रिश्तों की शराफ़त हम
जो भी मिलता है कुछ दिन ही अच्छा लगता है

अब भी यूँ मिलते हैं हमसे फूल चमेली के
जैसे इनसे अपना कोई रिश्ता लगता है

और तो सब कुछ ठीक है लेकिन कभी-कभी यूँ ही
चलता-फिरता शहर अचानक तनहा लगता है

Nida Fazli Hindi Ghazal In English Font

Kaheen-Kaheen se har chehara tum jaisa lagata hai
Tumako bhool na paenge aisa lagata hai

Aisa bhee ek rang hai jo karata hai baaten bhe
Jo bhee isako pahan le wo apana sa lagata hai

Tum kyon bichhade bhool gae rishto kee sharaaphat hum
Jo bhee milata hai kuchh din hee achchha lagata hai

Also, Read This Life Shayari

Ab bhee yoo milate hain hamase phool chamelee ke
Jaise inase apana koee rishta lagata hai

Aur to sab kuchh theek hai lekin kabhee-kabhee yoon hee
Chalata phirata shahar achaanak tanha lagata hai

Heart Touching Nida Fazli Shayari

Heart Touching Nida Fazli Shayari
Heart Touching Nida Fazli Shayari

अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं
रुख हवाओं का जिधर का है, उधर के हम हैं 

पहले हर चीज़ थी अपनी मगर अब लगता है
अपने ही घर में, किसी दूसरे घर के हम हैं 

वक़्त के साथ है मिट्टी का सफ़र सदियों से
किसको मालूम, कहाँ के हैं, किधर के हम हैं

Behtareen Nida Fazli Shayari -Ghazal

तन्हा – तन्हा हम रो लेंगे, महफ़िल महफ़िल गाएंगे
जब तक आंसू साथ रहेंगे तब तक गीत सुनाएंगे

तुम जो सोचो वह तुम जानो हम तो अपनी कहते हैं
देर न करना घर जाने में वरना घर खो जाएंगे

Nida Fazli Best Lines

बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो
चार किताबें पढ़ कर वह भी हम जैसे हो जाएंगे

किन राहों से दूर है मंज़िल, कौन सा रस्ता आसाँ है
हम जब थक कर रुक जाएंगे, औरों को समझाएंगे

अच्छी सूरत वाले सारे पत्थर दिल हों, मुमकिन है
हम तो उस दिन राय देंगे जिस दिन धोखा खाएंगे

Nida Fazli Poems –  Nida Fazli Shayari – Nida Fazli Ghazal

Tanha tanha ham ro lenge, mehfil mehfil gaayenge
Jab tak aansuu saath rahenge tab tak geet sunaayenge

Tum jo scho, voh tum jaano, ham to apni kahti hain
Der na karna ghar jaane mein varna ghar kho jaayenge

Bachchon ke chhote haathon ko chaand sitaare chhuune do
Chaar kitaabein padh kar voh bhi ham jaise ho jaayenge

Kin raahon se door hai manzil, kaun sa rasta aasaan hai
Ham jab thhak kar ruk jaayenge, auron ko samjhaayenge

Achchii surat wale saare patthar dil hon, mumkin hai
Ham to us din raay denge jis din dhoka khaayenge

Famous Shayari Of Nida Fazli

हुआ न कोई काम मामूल से
गुजारे शबों-रोज़ कुछ इस तरह
कभी चाँद चमका ग़लत वक़्त पर
कभी घर में सूरज उगा देर से

कभी रुक गये राह में बेसबब
कभी वक़्त से पहले घिर आयी शब
हुए बन्द दरवाज़े खुल-खुल के सब
जहाँ भी गया मैं गया देर से

Nida Fazli Shayari In Hindi

ये सब इत्तिफ़ाक़ात का खेल है
यही है जुदाई, यही मेल है
मैं मुड़-मुड़ के देखा किया दूर तक
बनी वो ख़मोशी, सदा देर से

सजा दिन भी रौशन हुई रात भी
भरे जाम लगराई बरसात भी
रहे साथ कुछ ऐसे हालात भी
जो होना था जल्दी हुआ देर से

Nida Fazli Shayari

भटकती रही यूँ ही हर बन्दगी
मिली न कहीं से कोई रौशनी
छुपा था कहीं भीड़ में आदमी
हुआ मुझमें रौशन ख़ुदा देर से

कहीं छत थी, दीवारो-दर थे कहीं
मिला मुझको घर का पता देर से
दिया तो बहुत ज़िन्दगी ने मुझे
मगर जो दिया वो दिया देर से

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